सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जुलाई में NEET UG 2026 के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने के लिए HPEC पोर्टल शुरू कर दिया गया है। इस पोर्टल का मकसद शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब संबंधित लोग https://hpec.nic.in पोर्टल के जरिए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
दो अलग-अलग फॉर्म तैयार किए गए
NEET UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर जुलाई में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की जांच के लिए बनाए गए हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि शिकायत दर्ज करने के लिए पोर्टल तैयार हो गया है। कमेटी ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर बताया कि पोर्टल तैयार करने की जिम्मेदारी नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को दी गई थी। शिकायत दर्ज करने के लिए दो अलग-अलग फॉर्म तैयार किए गए हैं। इनमें एक प्रदर्शन के दौरान प्रभावित हुए लोगों के लिए है, जबकि दूसरा पुलिसकर्मियों के लिए है।
शिकायतकर्ताओं की पहचान गुप्त रखने की व्यवस्था
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शिकायतों, सबूतों और बयानों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। इसका मकसद उन गवाहों की सुरक्षा करना है, जिन्हें शिकायत दर्ज करने के बाद खतरा हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने गृह मंत्रालय के जरिए NIC को निर्देश दिया कि पोर्टल को कमेटी की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसमें गवाहों की सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी इंतजाम होने चाहिए। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिया कि अगर किसी सुविधा की जरूरत होगी, तो उसे बिना देरी उपलब्ध कराया जाएगा। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को कमेटी की जरूरत के मुताबिक सभी जरूरी सुविधाएं देने का निर्देश दिया।
बड़े अखबारों में भी जारी होगा नोटिस
कमेटी ने बताया कि पोर्टल शुरू होने के बाद बड़े अखबारों में सार्वजनिक नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकी जानकारी मिल सके और वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के दूसरे हिस्सों में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी।
कमेटी के सदस्य कौन हैं?
कमेटी को दो तरह के आरोपों की जांच करनी है। पहला, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने के आरोप। दूसरा, प्रदर्शनकारियों की ओर से सुरक्षाकर्मियों के साथ हिंसा और उन्हें चोट पहुंचाने के आरोप। इस कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। इसके अन्य सदस्यों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. एल.आर. बिश्नोई शामिल हैं।
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